अलसाहट के बीच दस साल पुरानी तस्वीर
'मेरे मन टूट एक बार सही तरह, अच्छी तरह टूट मत झूठमूठ ऊब मत रूठ, मत डूब सिर्फ़ टूट' रघुवीर कह गए थे. मन टूटा हुआ है, जबकि चाह थी कि ये दिन टूटें. इन दिनों को घुटने पर रखकर ऐसा झटका मारा जाए कि टूटकर दो टुकड़े हो जाएं. दिन नहीं टूट रहे. घुटना टूट रहा है....
[पूरी पोस्ट]
Geet Chaturvedi
17
2
0
2
10
[31 Mar 2010 16:12 PM]



Shuffle








