ये किसका है ख़ंज़र?
ये किसका है खंज़र, ये खंज़र से पूछो,ये तेरा नहीं है, ये मेरा नहीं है।ये मुकुल की ग़ज़ल का शेर नहीं, लहूलुहान शहर की हैदराबाद की कराह है। हर शहर की तरह यहां भी ख़ून बहाने वाले खंज़र, ज़ख्म खाने वालों के नहीं थे।दो गुट। एक के हाथ में भगवा छुरा, और दूसरे...
[पूरी पोस्ट]
रणविजय
19
0
0
0
3
[31 Mar 2010 16:09 PM]



Shuffle








