सपनो से मिली सजा
सीले हुए से कुछ शब्द सुखी हुई सी कुछ उम्मीदेंखालीपन से भरे इस दिल में अब और बचा ही क्या है सोचे बिन ही समझ लेने की भूल और जाने बिन ही देख लेने का अपराध सपनो के इस गुनाह की बाकी सजा भी क्या है जोप जुर्म किया...
[पूरी पोस्ट]
himani
17
0
0
0
5
[31 Mar 2010 09:20 AM]



Shuffle








