परछाईयों का शहर 2
मनीष के घर का दृश्य "आई....!!! ओ आई!!!""दरवाजा खोल आई!! मैं हूँ, मनीष.""आज बड़ी देर कर दी आने में मनु!!! कहाँ गया था रे? बाबा अभी अभी तेरी राह देख सोया है."हाँ आई, आज एक भला मानुस मिल गया था, रस्ते में , उसके साथ बातें करते देर हो गयी.""कौन था रे? यूँ...
[पूरी पोस्ट]
pooja
परछाईयों का शहर 2
9
0
0
0
5
[31 Mar 2010 08:46 AM]



Shuffle







