कहानी : जंगबहादुर
नाम ने नाम के आधार को ठीक से देखना आवश्यक कर दिया। पर्वतीय पथ और पत्थरों की चोट से टूटे हुए नाखून और चुटीली उंगलियों के बीच ढाल बनी मूंज की चप्पल मानो मनुष्य को पशु बनाकर भी खुर न देने वाले परमात्मा का उपहास कर रही थीं। पांव से दो बालिश्त ऊंचा और...
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bhaarat kumar
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[31 Mar 2010 04:31 AM]



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