कोई बोली ना रह जाए 'अनबोली'

ashishkumaranshu क्या हुआ अगर एक भाषा खत्म हो गईवह अपने झूठ और सच के साथ दफन हो गई,शब्द नहीं रहे, दुनिया बढ़ती रहीबोआ की दुनिया की खातिर, कहीं कोई नहीं रोया।’बाबुई और अर्जून जाना की यह कविता उस 85 वर्षिय अंदमानी महिला बोआ को समर्पित है जो अंदमान में बोली जाने वाली दस... [पूरी पोस्ट]
writer आशीष कुमार 'अंशु'
views
12
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
3
[31 Mar 2010 03:59 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix