साहित्यकार रामेश्वरदयाल श्रीमाली से पहली और आखरी मुलाकात
राजस्थानी साहित्य की अकूत क्षमता को हम बड़े गर्व से बखान करते हैं। प्राचीन एवं मध्यकाल की स्वर्णिम आभा के बीच हम वर्तमान युग का जब गौरव गान कर रहे होते हैं तो राजस्थानी कहानी की समृद्ध परंपरा के बीच श्री रामेश्वरदयाल श्रीमाल़ी का नाम अपने-आप ही आ...
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दुलाराम सहारण
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[30 Mar 2010 23:21 PM]



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