भोर की सुगबुगाहट

JHAROKHA भोर की सुगबुगाहट होती है शुरू हल्के से उजाले के साथ चिड़ियों की चूं चूं कुछ अलसायी कुछ अधखुली आंखें बाथरूम में तेज पानी की धार हर हर की आवाज। कहीं पर सूर्य देव को अर्ध्य हरी ओम का जाप घण्टे की आवाज नमाज की अजान। कहीं किचन में खटपट खटपट कहीं तेजी से चलते... [पूरी पोस्ट]
writer JHAROKHA

कविता

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[30 Mar 2010 21:59 PM]

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