अच्छा आदमी

हिंदी हैं हम.. धुप बहुत कड़ी हो गयी थी| मैं वातानुकूलित कार में भी मानो झुलसा जा रहा था| मुझे अपने उस दोस्त पर गुस्सा भी आया ,जिसने मुझे किसी चैरिटी फंक्सन में बुलाया था| मेरी जिंदगी बहुत आरामतलब रही है|ये नहीं कह सकता कि बहुत ऐशो आराम का बचपन रहा पर जैसे जैसे बड़ा... [पूरी पोस्ट]
writer Astha Deo
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[19 Mar 2010 00:59 AM]

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