वो जो बस नहीं है देह में ....

हरी मिर्च ..यहीं कहीं है, रहेगा यहीं कहीं स्मृतियों के अवलेह में..कार्तिक (२ जून २००४- २४ मार्च २००९) के लिएओ रे तारे,  जहां दूर जाना ज़रा,   सारे तारे-जहां घूम आना ज़रादूर से ही वहीं, टिमटिमाना ज़रा, ओ किरन की कनी, यूं दिखाना ज़रावो... [पूरी पोस्ट]
writer जोशिम
views
23
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
0
[25 Mar 2010 11:46 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix