बात निकली
कहते कहते बात निकली,
करहा के हमसे आह निकली|
बंद ताले जब खोले हमने,
गुजरी हुई हर साँस निकली|
देखते देखते सहर हो गयी,
आँखों आँखों में रात निकली|
बंदगी की बाज़ी जीत तो गया,
इसमें खुदी की मात निकली|
कहाँ है तू मेरी हमनफस,
कहने को तो तू...
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वीर
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[30 Mar 2010 13:28 PM]



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