दोस्तों

वीर की कलम से कहना है तो आवारा मुझे कहो दोस्तों, आओ मेरे साथ थोडा और बहो दोस्तों| दोस्ती की है तो संभालो गिरते हुए, बस देखते ना मुझे रहो दोस्तों| मेरी फितरत तुम्हे ना लग जाए कहीं, तुम भी ना लम्हा लम्हा मरो दोस्तों| है इसकी अदा हमें तड़पाने की, हौले हौले... [पूरी पोस्ट]
writer वीर

poemhindi poetryshayarighazals

views
17
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
3
[30 Mar 2010 13:37 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix