स्वामी और हम
दिल्ली और कर्नाटक में स्वामियों के कर्म उजागर- ५-३-२०१०1. स्वामी और हमस्वर्ण-महल रावण रहें, बन-बन भटकें राम ।छः दशकों के राज का हासिल यह परिणाम ।हासिल यह परिणाम , सेक्स में डूबे स्वामी ।झूठ-मूठ ही हम गाते- 'मूरख, खल, कामी' ।कह जोशी कविराय समेटें अपना...
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joshi kavirai
swami
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[30 Mar 2010 08:29 AM]



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