पथ की पहचान
पूर्व चलने के बटोही बाट की पहचान कर ले।पुस्तकों में है नही छापी गई इसकी कहानीहाल इसका ज्ञात होता है न औरों की ज़बानीअनगिनत राही गए इस राह से उनका पता क्यापर गए कुछ लोग इस पर छोड पैरौं की निशानीयह निशानी मूक होकर भी बहुत कुछ बोलती हैखोल इसका अर्थ पंथी पंथ...
[पूरी पोस्ट]
Anurag Srivastava
हरिवंशराय बच्चन
20
3
0
3
0
[30 Mar 2010 02:10 AM]



Shuffle








