एहसास

पंजाबी लघुकथा गुरमेल मडाहड़ शादी से पहिले वे जब भी एक-दूसरे से मिलते, तो जसजीत वीना के जूड़े में बड़े प्यार से फूल लगाता। वह उसे काफी देर तक सहलाती रहती और कहती, “जसजीत, मुझे एक बेटा दे दे, बिलकुल तुम जैसी अक्ल-शक्ल हो।” “फिक्र न कर, तेरी यह इच्छा भी जल्दी ही पूरी हो... [पूरी पोस्ट]
writer दीपशिखा

गुरमेल मडाहड़

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[29 Mar 2010 22:24 PM]

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