षड्यंत्र को `ज़रूरत’ बताने की मासूमियत का मर्म
गत दिनों हिन्दी भारत के अंक में जब मैंने माननीय राजकिशोर जी का रोष व विचारपूर्ण लेख प्रकाशित किया रोमन कथा वाया बाईपास अर्थात् हिन्दी पर एक और आक्रमण तो मुझे कुछ ईमेल मिले जिनमें लोगों ने लिखा/ पूछा कि असगर वजाहत जी ने हिन्दी...
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कविता वाचक्नवी Kavita Vachaknavee
भाषा
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[29 Mar 2010 19:57 PM]



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