प्यारे कृष्ण कन्हैया
कलयुग में अब ना आना रे प्यारे कृष्ण कन्हैयातुम बलदाऊ के भाई यहाँ हैं दाउद के भैया।।दूध दही की जगह पेप्सी, लिम्का कोकाकोलाचक्र सुदर्शन छोड़ के हाथों में लेना हथगोलाकाली नाग नचैया। कलयुग में अब. . .।।गोबर को धन कहने वाले गोबर्धन क्या जानेंरास रचाते पुलिस...
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Anurag Srivastava
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[29 Mar 2010 18:11 PM]



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