प्यार की भाषा कहां खो गई है
अभी कुछ दिन पहले हिंदी के कवि चंद्रकांत देवताले जी के किसी परिचित से मेरी मुलाकात हुई। उसने बताया कि देवताले जी से उसने मेरे बारे में काफी कुछ सुन रखा है और बातचीत के दौरान ही उसने एकदम से पूछ लिया, ‘जब वो वेबदुनिया में आपसे मिलने आए थे तो आपने उन्हें...
[पूरी पोस्ट]
मनीषा पांडे
132
9
0
9
25
[29 Mar 2010 16:19 PM]



Shuffle








