मायड़ भाषा
मायड़ भाषा लाड़ली, जन-जन कण्ठा हार ।लाखां-लाखां मोल हे, गाओ मंगलाचार ।।वो दन बेगो आवसी ,देय मानता राज ।पल-पल गास्यां गीतड़ा,दूणा होसी काज ।।अमृत 'वाणी'...
[पूरी पोस्ट]
amritwani.com
15
0
0
0
0
[29 Mar 2010 14:47 PM]



Shuffle








