दोबारा में : 8 मार्च पर ‘‘मर्दों वाली बात’’ और 4 लिंक
Saturday, March 7, 2009 8 मार्च पर ‘‘मर्दों वाली बात’’ और 4 लिंक व्यंग्य**मर्दों वाली बात** वातावरण मर्दांनगी से भरपूर था। इतना कि भरी हुई टोकरी से मरी हुई मछलियो की तरह मर्दानगी फिसल-फिसल जाती थी। मर्दानगी के कई रूप थे। कही घनी मूंछों में थी, तो कहीं...
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sanjaygrover
व्यंग्य
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[29 Mar 2010 06:29 AM]



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