जीवन मेरा महान

प्रवीणा जोशी सुबह सुबह पतिदेव की आवाज आई ''सुनो तो जी'' मैंने गला फाड़कर कहा ''क्‍याSSS'' वे बोले ''कोई बात नहीं'' सच ! नई बात तो थी नहीं नई तो तब थी जब मैं आई थी नई पतिदेव की आवाज ''सुनो''  सुनकर दौड़ी आती थी मैं हर मुश्किल से मुश्किल काम करती थी मैं उनकी... [पूरी पोस्ट]
writer प्रवीणा जोशी
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[27 Mar 2010 15:18 PM]

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