जाने क्यों वो गुल्लक आजकल मुझे घूरता रहता है

सरजूपार की मोनालीसा जाने क्यों आजकल हर घर से बहुत शोर आता हैधब-धब-धब की आवाजें, लगता है छत पर कोई कूद रहा हैचीखना चिल्लाना, रोना-गाना लगता है “कुछ” हो गयाजाने क्यों आजकल सूरज भी अकड़ा हुआ हैनाराज है शायद मुझसेसबसे पहले जगाने के लिए मुझे ही आ जाता हैमैं रात चाहे कितनी देर से... [पूरी पोस्ट]
writer शिवेंद्र
views
14
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
9
[29 Mar 2010 04:56 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix