खट्टी मिश्री जैसी लाईफ...

हवा और तेज़ हो रही है.. पन्ने उड़ाने की चाल है.. मैंने पेपरवेट रख दिया है.. तुम्हारे ख्याल कीमती है मेरे लिए.. मैं इन्हें वेस्ट नहीं जाने दूंगा.. बड़ी मुश्किल से मिलती है हंसी तुम्हारी.. इस बार आँखे खुली रखूँगा...मैंने अपने मोबाइल से कैच कर लिया है.. अब... [पूरी पोस्ट]
writer कुश
views
42
upvote
4
downvote
0
rating
4
comments
25
[29 Mar 2010 04:30 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix