शब्द और अर्थ
लोग अब पहरावों से पहचाने जाते हैं ,
पहरावा न तेरा भला है , न मेरा भला है .
अब तक धुआं है , धुआं है, धुआं है ,
न जाने किसका घर जला है .
हर कोई नहीं समझता आइना चटकने का मतलब ,
मैंने देखा है एक चेहरा जला है .
मै सच जानता हूँ मै सच नहीं कहूँगा ,
तुम्हारा ही...
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Bholenath
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[29 Mar 2010 01:09 AM]



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