झूठ
कुछ झूठ समाज में स्थापित मूल्य बनकर सत्य के सिंहासन पर आरुढ़ होने का दावा करते हैं ।दूसरे दिन: पुनश्च : आपके मन में उक्त उक्ति से जो भी भाव आया, कृपया उसे टिप्पणी के रूप में देकर अनुगृहीत करें ।...
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Manoj Bharti
सत्य
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[15 Jan 2010 09:03 AM]



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