गीत

जीवन सन्दर्भ देखो चन्दन वन बहक  गया ,जाने कितना कुछ महक गया ,अंगड़ाई ली अभिसारों ने ,मादक परिणय व्यापारों ने ,फुनगी पर चढ़ा पलाश यहाँ ,पिघले लोहे सा दहक गया //देखो ......छूटी पीछे बीती पीड़ा ,श्वांसों ने छेड़ी है वीणा ,जागे जीवन मे राग नए ,भोला मन फिर से... [पूरी पोस्ट]
writer डॉ.भूपेन्द्र कुमार सिंह
views
21
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
3
[28 Mar 2010 11:26 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix