‘‘वफादार है बड़े काम का’’ (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)
यह कुत्ता है बड़ा शिकारी।बिल्ली का दुश्मन है भारी।।बन्दर अगर इसे दिख जाता।भौंक-भौंक कर उसे भगाता।।उछल-उछल कर दौड़ लगाता।बॉल पकड़ कर जल्दी लाता।। यह सीधा-सच्चा लगता है। बच्चों को अच्छा लगता है।।धवल दूध सा तन है सारा।इसका नाम फिरंगी प्यारा।।आँखें इसकी चमकीली...
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डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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[28 Mar 2010 11:17 AM]



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