मरो शाकुंतलम्‌ : तुम मुझे स्पर्श करोगे सूर्यकिरण बनकर

सागरिका काम, प्रेम और विवाह का त्रिकोणात्मक संबंध है. मानवेतर जगत्‌ में काम का संबंध केवल शरीर तक सीमित है परंतु मनुष्यों के बीच यह संबंध मन और आत्मा तक पहुँचता है. जैसे कि रामधारी सिंह ‘दिनकर ’ ने कहा है ’सेक्स (काम) की अनुभूति शारीरिक अनुभूति होती है. किंतु... [पूरी पोस्ट]
writer गुर्रमकोंडा नीरजा

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[28 Mar 2010 09:05 AM]

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