“पिता जी को पड़पोते ने साबुन मलकर नहलाया” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")
आज का बिल्कुल ताजा संस्मरण पोस्ट कर रहा हूँ!मेरे पिता जी की आयु इस समय 90 वर्ष की है। इस उम्र में भी वे अपने दैनिक कार्य स्वयं ही करते हैं। यों तो उनके लिए निचली मंजिल पर भी स्नानगृह बना है। मगर उसमें गीजर नही लगा है। इसलिए पूरे जाड़ों-भर वह प्रति दिन...
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डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
संस्मरण
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[28 Mar 2010 08:32 AM]



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