बाबा कवि बर्राय -1

कवि बाबा कानपुरी खादी में गुण बहुत हैं, सदा पहनिए अंग है सफेद तो क्या छिपे, इसमे सातो रंग इसमे छिपे सातो रंग, दाम की है यह सस्ती सभी जगह है मान, नगर हो अथवा बस्ती बाबा कवि बर्राय सुनो हो भौतिक वादी बर्बादी से बचो, मॅंगा कर पहनो खादी खादी के अब बढ़ रहे, दिन-दिन दूने रेट... [पूरी पोस्ट]
writer Baba Kanpuri
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[27 Dec 2009 05:47 AM]

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