हृदय से निकली मेरी काल्पनिक जीवनी ( हास्य व्यंग्य )
हे इश्वर !आप तो दुनिया बनाकर भाग गए । अकेला मरने के लिए मुझे छोड़ दिया । बचपन में स्कूल में पिटाई खाने का डर सताता रहता था पर आप कोई ज्यादा मददगार ना हुए । उस साइंस के पीरियड में डिजिटल घडी की एक एक मिनट को गिनता मैं आखिरी क्षण में घंटी सुनने के लिए तरस...
[पूरी पोस्ट]
Virender Rawal
19
0
0
0
2
[27 Mar 2010 21:03 PM]



Shuffle








