इश्क प्रीत love

इश्क प्रीत love  जानती हो स्वप्न प्रिया इस गुलाब के कानों में बदमाश हवा ने कहा के कोई भ्रमर तुमसे अभिसार को आ रहा है और झट उसने सर ठीक वैसे ही झुका लिया जैसे कि तुम जब मुझसे पहली बार मिली थीं .... और मैंने बिन कहे अपने इश्क का इज़हार किया था............तुम्हारी याद... [पूरी पोस्ट]
writer गिरीश बिल्लोरे

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[27 Mar 2010 17:16 PM]

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