कौटिल्य का अर्थशास्त्र-काम पर पड़ने पर दुर्जन की भी प्रशंसा करें (kautilya darshan in hindi)

दीपक भारतदीप की अंतर्जाल पत्रिका कार्यस्य हि गरीबस्त्वात्रोचानामपि कालचित्।सतोऽपि दोषान् गुणानप्यसतो वदेत्।।हिन्दी में भावार्थ-अपने कार्य के लिये आवश्यकता पड़ने पर समय को जानने वाला मनुष्य निम्न प्रवृत्ति के मनुष्य के अवगुणों को छिपाकर उसके असत् गुणों का वर्णन करे। चाहे भले ही उसमें अनेक... [पूरी पोस्ट]
writer दीपक भारतदीप

हिन्दू-धर्म

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[26 Mar 2010 23:24 PM]

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