चाणक्य नीति दर्शन-खोखले बांस के पेड़ पर हवा प्रभाव नहीं डाल सकती
अंतःसारविहनानामुपदेशो न जायते।
मलयाचलसंसर्गान् न वेणुश्चंदनायते।।
नीति विशारद चाणक्य जी का मानना है कि मलयाचल पर्वत से प्रवाहित वायु देह के स्पर्श से ही सामान्य पेड़ भी चंदन जैसे सुगंधित हो जाते हैं। एक मात्र बांस का पेड़ ही खोखला होता है जिस पर कोई हवा...
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दीपक भारतदीप
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[26 Mar 2010 20:25 PM]



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