लेखक कठघरे में

काव्य संग्रह राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जालंधर के अतिभ्रमण के क्रमांक में कुछ ऐसे पहलु खड़े हो जाते है कि जिन पर अत्यधिक विश्वास और निष्ठां के साथ मनोरंजन के महल में बैठा लेखक यही सोचता रहता है कि मुझे उन सभी निष्ठावानों से माफी मांगनी चाहिए जिन्होंने मेरा पिछला... [पूरी पोस्ट]
writer रवि शंकर शर्मा
views
12
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
2
[26 Mar 2010 14:21 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix