जुबां का रिश्ता-हिन्दी शायरी
आखों से अब अश्क नहीं बहते
क्योंकि दर्द का दरिया सूख गया है,
जहां दिल लगाया
दिल्लगी समझ जमाने ने मुंह फेरा
अब बयां नहीं करते किसी से अपने हाल
अपनी ही हकीकतों से
हमारी जुबां का रिश्ता टूट गया है।
———-
उनकी प्यार भरी निगाहें
देखकर हमने...
[पूरी पोस्ट]
दीपक भारतदीप
deepak bharatdeephindi writingweb bhaskarweb bharat
14
0
0
0
0
[26 Mar 2010 12:29 PM]



Shuffle







