भीड़ जो अच्छी लगी, मैं यार उसमे खो लिया

TAPASHWANI मन में झांके हर किसी के,यार ये मुमकिन ना था |तन से जो सुन्दर लगा,हम यार उसके हो लिए |एक घडी में हर किसी को,जान ले मुमकिन ना था |एक नजर में जो जँचा'हम यार उसके हो लिए |वो जो प्यार का  था रास्ता,मेरे लिए तो  नया ही था |चले डगमगा के जिधर... [पूरी पोस्ट]
writer Tapashwani Anand
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[26 Mar 2010 12:29 PM]

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