मूलमन्त्र

अभिव्यक्तियाँ मनुष्य अपना जीवन चाहे जैसा बना सकता है ! इसका मूलमन्त्र ये है कि बुरे, क्षुद्र, अश्लील विचार मन मे ना आने पाए, वह बल पूर्वक इन विचरो को हटाता रहे और उत्कृष्ट विचारो तथा भावो से अपने हृदय को पवित्र रखे ! ...... मुंशी प्रेम चंद... [पूरी पोस्ट]
writer अनामिका की सदाये......
views
4
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[01 Nov 2009 09:15 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix