प्यार और बंधन
प्यार जैसी निर्मम वस्तूक्या भय सेबांधकर रखी जा सकती है ...?नहीं....!!वह तो चाहता है..पूरा विश्वास..पूरी स्वाधीनता ..और साथ में पूरी जिम्मेदारी..!इसमें फैलने की असीमता है..जिस परबंधन रूपी ईटो की दिवारनहीं बन सकती..!!...
[पूरी पोस्ट]
अनामिका की सदाये......
5
0
0
0
0
[08 Jan 2010 11:59 AM]



Shuffle








