तेरी याद में...."मनीष"

युग क्रांति क्यूँ है ये चाहत की याद करे तुम्हें कोई..??अपने-आप में मस्त हो जीना इन गुलाबों से सीखे कोई,घिरा रहता है हर वक़्त हज़ार काँटों से,मजाल मगर के आ जाए लब पर शिकवा कभी कोई..!!ये काफी है की तेरा एक तस्सवुर सा बना रहे मुझमें,ज़ख़्मी हुआ ये... [पूरी पोस्ट]
writer manish badkas

manish

views
15
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
3
[26 Mar 2010 09:21 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix