प्रीत --- वि-- प्रीत

नारी का कविता ब्लॉग भाग १सालों बादघर से बाहर रहापति लौट आयाघर मे ताँता लग गयाबधाईयों का, मिठाईयों काआशीष वचनों का, प्रवचनों कागैस पर चाय बनातीपत्नी सोच रही हैंक्या वो सच में भाग्यवान हैं ?कि इतना घूम कर पतिवापस तो घर ही आयापर पत्नी खुश हैं किअब कम से कम घर से बाहरतो मै जा... [पूरी पोस्ट]
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[26 Mar 2010 07:51 AM]

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