दो सहेलियां ....एक देह में रहती हैं

मेरे आस-पास दो सहेलियां एक दूसरे की साथी दो सहेलियां एक , एकांत में जागती है एक ,एकांत में सोती है सोने वाली जागने वाली से ऑंखें चुराती है जागने वाली सोने वाली को उलाहना देती है सोती , सोती क्या है ऑंखें चुराती है जागती , जागती क्या है खुली आँखों से जंगल उगाती है... [पूरी पोस्ट]
writer MANVINDER BHIMBER

दो सहेलियां

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[26 Mar 2010 05:12 AM]

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