जहाँ भी तू रहे लेकिन ख़ुशी के साथ रहे
ये मानता हूँ हर एक बार याद आएँगे ये मानता हूँ सरे दार याद आएँगे तेरे वो फूल से रुखसार याद आएँगे तेरे वो गेंसू-ए- खमदार याद आएँगे बजाई जाएगी ढोलक सजाई जाएगी तू किसी सजी हुई महफ़िल में लाइ जाएगी तू मेरी निगाह से यक्सर बचाई जाएगी तू किसी के सेज की जीनत बनाई...
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हिमांशु बाजपेयी
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[26 Mar 2010 03:30 AM]



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