समां और परवाना ......

विचारों का दर्पण देवेश प्रताप समां और परवाना एक दूसरे से अपने भावों को व्यक्त करते हुए कहते है ..... समां कहती है जलने दो मुझे अकेले इस विरह में तुम यूँ ने मेरे पास आया करो, परवाना कहता है तुम्हारे इस प्यार पर प्रिय ,मैं मिलने के लिए मचल जाता हूं , समां बिखर जाती हूँ... [पूरी पोस्ट]
writer देवेश प्रताप
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[25 Mar 2010 22:26 PM]

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