दु:स्साहसी दिबाकर बहादुर!
फ़िल्म देखे अब कुछ चौबीस घंटों से ज्यादा हुआ, उस देखे पर कुछ लिखना चाह रहा था, मगर दिमाग में जो बेचैनी तनी है, उसका वाजिब संगठन नहीं हो पा रहा, लगता है जो भी लिखूंगा, वह अधूरा, अपर्याप्त होगा, 'नये' सिनेमा की बुनाई का जो एक 'डिज़ाइन' दिबाकर ने 'ओय...
[पूरी पोस्ट]
Pramod Singh
दिबाकर बनर्जी
40
6
0
6
19
[25 Mar 2010 15:49 PM]



Shuffle








