दर्दे --जिन्दगी
दवा ही बन ग़यी है जिन्दगी मेरी, दुआ कीजिये वो जहर न बने। लहू जो दौड़ रहा जिस्म में, दुआ कीजिये बेरंग न बने। पिये जा रही हूं गमों के चिलम, दुआ कीजिये वो कहर न बन॥ नहीं देख सकता जो औरों का चैन, दुआ कीजिये वो नज़र न बने। समझता नहीं जो दर्द जिन्दगी का, दुआ...
[पूरी पोस्ट]
JHAROKHA
21
3
0
3
24
[25 Mar 2010 14:25 PM]



Shuffle








