घासीदास जी के अमर संदेश-पंथी गीत
सत ल जाने बर घासीदास सन्यासी होगे। सत असन अनमोल जिनीस ल पाए बर वाजिब साधना के जरूरत परिस। बर-पीपर सांही पवित्र वृक्ष ल छोड़के ये औंरा-धौंरा असन साधारन पेड़ के खाल्हे तपस्या म लीन होगे। ये घासीदास के निम्न वर्ग लोगन के प्रति ओखर पिरीत अउ लगाव के प्रतीक आय।...
[पूरी पोस्ट]
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
टीकेश्वर सिन्हा
11
0
0
0
1
[25 Mar 2010 13:27 PM]



Shuffle








