धन-धन थानेदार

भारतीय वास्तु शास्त्र धन-धन थानेदार चन्द्र सरीखा सदन हो, धन मुश्किल से आय ।रहे न चार दिन वह तो, चोर-चोर ले जाय ।।चोर-चोर ले जाय , ना आवे थानेदार ।बहुत देर से आय , धन मांगे थानेदार ।।कह ’वाणी’ कविराज, ना देखा उस सरीखा ।धन-धन थानेदार ,जो सिंह चन्द्र सरीखा ।। शब्दार्थ: सदन =... [पूरी पोस्ट]
writer amritwani.com

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[25 Mar 2010 10:36 AM]

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