जानता हूँ पर .......

आर्जव जानता हूं यह रास्ता कहीं नहीं जाता फिर भी चल रहा हूं ।जानता हूं आगे कुछ नहीं है फिर भी इसी पर ढल रहा हूं ।है अस्वीकार का साहस ।प्रतिरोध की शक्ति है ।जानता हूं हासिल हर जोड़ का शून्य है फिर भी स्वयं को कर एक विलम्बित मौन-सा इस ही राह पर बिछ रहा... [पूरी पोस्ट]
writer Aarjav

कविता

views
13
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
5
[24 Mar 2010 09:19 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix