वो पल.....अब भी मेरे पास है

काव्य तरंग कांपते हाथों से मेरेहाथों को लेकर हाथ मेंजो चाहते थे कहना तुमशब्द वो भी बह रहे थेसमय की तरहआँसूओं के साथ....!!भीगते जज्बातों कावो पल.....जब छुपाई थीअपनी आँखों की नमीएक दूजे से हमने, जबकिदोनों उससे अनजान न थे....!!कप कपाते होंठो सेकहना चाहते थे वो सब... [पूरी पोस्ट]
writer RaniVishal

कविता

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[24 Mar 2010 09:28 AM]

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